अर्जेंटीना के न्यायाधीश ने मिलेई और 10 अन्य के खिलाफ LIBRA टोकन मामला खारिज किया
अर्जेंटीना के एक न्यायाधीश ने LIBRA टोकन मामले में राष्ट्रपति हावियर मिलेई और दस अन्य प्रतिवादियों को बरी कर दिया है। फैसले में कहा गया है कि साक्ष्यों से आपराधिक रूप से प्रासंगिक धोखाधड़ी साबित नहीं होती।
एक अर्जेंटीना के न्यायाधीश ने राष्ट्रपति हावियर मिलेई और दस अन्य व्यक्तियों के खिलाफ LIBRA टोकन से जुड़ा मामला खारिज कर दिया है। लगभग 60 पेज के फैसले में न्यायाधीश ने निष्कर्ष निकाला कि इस मामले में आपराधिक रूप से प्रासंगिक धोखाधड़ी नहीं हुई।
मुख्य मुद्दा मिलेई की एक सोशल मीडिया पोस्ट था, जिसमें LIBRA टोकन को बढ़ावा दिया गया था। न्यायाधीश ने माना कि अकेली यह पोस्ट धोखाधड़ी साबित नहीं करती।
अदालत का तर्क
फैसला इस निष्कर्ष पर आधारित है कि टोकन से जुड़ी प्रचार गतिविधि अपने आप में इस बात का पर्याप्त प्रमाण नहीं थी कि प्रतिवादियों ने आपराधिक धोखाधड़ी की। न्यायाधीश के लिखित फैसले में यह निष्कर्ष विस्तार से दिया गया है, और यह मामले में नामित सभी ग्यारह लोगों पर लागू होता है।
मामला खारिज होने के कारण प्रतिवादी अब इस कार्यवाही में आरोपों का सामना नहीं कर रहे हैं। फैसला टोकन के बारे में व्यापक बहस पर कोई टिप्पणी नहीं करता, जिस पर अर्जेंटीना में ऑनलाइन प्रचार के बाद से सार्वजनिक ध्यान गया है।
बाज़ार संदर्भ
इस मामले पर अर्जेंटीना की राजनीति और क्रिप्टो क्षेत्र के पर्यवेक्षकों ने करीबी नज़र रखी है, क्योंकि इसमें एक सत्तारूढ़ राष्ट्राध्यक्ष और एक डिजिटल एसेट शामिल थे, जिसे सोशल मीडिया के ज़रिए लॉन्च और प्रचारित किया गया था। नतीजा इस विशेष कानूनी चुनौती को समाप्त करता है, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित छोड़ता है कि ऐसे टोकन प्रचार को कैसे विनियमित किया जाना चाहिए।
इस रिपोर्ट के लिए LIBRA टोकन का कोई बाज़ार डेटा उपलब्ध नहीं था, इसलिए यहाँ कीमत में हुए बदलाव का उल्लेख नहीं किया गया है।
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